मेरा हमनफस जो ना हो सका
तो हमसफ़र भी तू क्यों रहे
मेरा हमनवा जो नहीं है गर
तो हमनशीं भी तू क्यों रहे
सब था जो भी वोह दिल से था
लाख हसीँ है तू , हुआ करे
मैं जो कर सका वोह सब करा
काफी नहीं तो ना हुआ करे
उल्फत थी सिर्फ वाक़ई में सिर्फ
यकीन नहीं तो कोई क्या करे!
तो हमसफ़र भी तू क्यों रहे
मेरा हमनवा जो नहीं है गर
तो हमनशीं भी तू क्यों रहे
सब था जो भी वोह दिल से था
लाख हसीँ है तू , हुआ करे
मैं जो कर सका वोह सब करा
काफी नहीं तो ना हुआ करे
उल्फत थी सिर्फ वाक़ई में सिर्फ
यकीन नहीं तो कोई क्या करे!